मस्त विचार 1778
छोड़ दो किसी से वफा की आस ऐ दोस्त,
जो रूला सकता है वो भुला भी सकता है !!
जो रूला सकता है वो भुला भी सकता है !!
वही लोग जिन्दगी को सच्ची तरीके से जीते हैं…
बातों मे रूहानी होनी चाहिए,
सारी दुनिया अपनी हो जाती है
बस “”मेरे यार “” तेरी मेहरबानी होनी चाहिए.
_ इशारों में बात हो भी जाए, वो समझ भी जाए..
_ वो डूबते डूबते भी तर गए, जिनपे तू मेहरबान था..!!
रिश्ता सब से रखो पर उम्मीद किसी से नही…..
मेरी अपनी मंज़िलें मेरी अपनी दौड़.