मस्त विचार 1770
मिज़ाज में थोड़ी सख़्ती लाजिमी है हुज़ूर,
लोग पी जाते अगर समंदर खारा न होता.
लोग पी जाते अगर समंदर खारा न होता.
उस समय भी समय गुजर रहा होता है.
दुनिया में छोड़ने जैसा कुछ है तो दुसरों से उम्मीद करना छोड़ दो.
कुछ लोग तो दूसरों की खुशियाँ देख कर भी बीमार हो जाते हैं.
वो बदल गया है जिसके लिए हम ज़िंदा थे.
काम न करने वाले सिर्फ गलती ढूंढ़ते हैं.