मस्त विचार 1829

अब उम्मीदें छोड़ दी हैं मैंने सबसे ; _

_ जो चल रहा है _ जैसा चल रहा है _ सब सही है..

जो चल रहा और आगे बढ़ रहा है, वही कभी ना कभी गिरता भी है,

_ ठहरे हुए लोग बस दूसरों पर उंगली उठाना जानते हैं.!!

मस्त विचार 1828

खुश किस्मत होते है वो जो तलाश बनते है किसी की, _

_ वरना पसंद तो कोई भी किसीको भी कर लेता है..

मस्त विचार 1826

हमें बिल्कुल नही भाता तुम्हारा मौन यूँ रहना,

मनाते जो नहीं हो तो सताते क्यों नही हो तुम.

मस्त विचार 1824

अब तो अकेले में रहने का आदी हो चूका हूँ मैं.

बदल गए हैं वो लोग जो सुबह शाम हाल पूछा करते थे.

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