मस्त विचार 1829
अब उम्मीदें छोड़ दी हैं मैंने सबसे ; _
_ जो चल रहा है _ जैसा चल रहा है _ सब सही है..
जो चल रहा और आगे बढ़ रहा है, वही कभी ना कभी गिरता भी है,
_ ठहरे हुए लोग बस दूसरों पर उंगली उठाना जानते हैं.!!
_ जो चल रहा है _ जैसा चल रहा है _ सब सही है..
_ ठहरे हुए लोग बस दूसरों पर उंगली उठाना जानते हैं.!!
_ वरना पसंद तो कोई भी किसीको भी कर लेता है..
_ लोग वहीं है दुनिया में, पर दिल बदल गए हैं !!
मनाते जो नहीं हो तो सताते क्यों नही हो तुम.
मिला तो रब भी नहीं, पर इबादत कहाँ रुकी हमसे..
बदल गए हैं वो लोग जो सुबह शाम हाल पूछा करते थे.