मस्त विचार 1747

जिंदगी ने मेरे मर्ज का कुछ ऐसा इलाज बताया,

वक़्त को दवा कहा और ख्वाहिशों से परहेज सुनाया.

मस्त विचार 1745

दोस्तों का स्वागत है..!

“दुआ” मिले बड़ो से.. “साथ” मिले अपनों से..

“खुशियां” मिले जग से.. “रहमत” मिले रब से..

“प्यार” मिले सब से.. “यही “दुआ” है रब से..

सब खुश रहे आप से और आप खुश रहे सबसे.!!

“दुनियां के रेन बसेरे में..पता नही कितने दिन रहना है”

“जीत लो सबके दिलो को..बस यही जीवन का गहना है”..!!

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