मस्त विचार 1547
रूबरू मिलने का मौका हमेशा नहीं मिलता,
इसलिए शब्दों से सब को छुने की, कोशिश कर लेता हूँ.
इसलिए शब्दों से सब को छुने की, कोशिश कर लेता हूँ.
जिसके पास सबकुछ है, उस से दुनियाँ जलती है.
“तू काली ना होती तो कितनी अच्छी होती”
सागर से कहा:- “तेरा पानी खारा ना होता तो कितना अच्छा होता”
गुलाब से कहा:- “तुझमें काँटे ना होते तो कितना अच्छा होता”
तब तीनों एक साथ बोले:-
“हे इंसान अगर तुझमें दूसरों की कमियाँ देखने की आदत ना होती तो तू कितना अच्छा होता”
खुद की कीमत का जिन्हें अंदाजा नहीं होता.
इसे बनाने के लिए “मेहनत” का हुनर चाहिए.
अब फ़ोन वायर से आज़ाद है और आदमी बंधा है.