मस्त विचार 1701
पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को,
उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं हुआ करते.
उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं हुआ करते.
_ खबर नहीं के ये ” आ रहे ” हैं या ” जा रहे ” हैं !!!
आज हंसने वाले कल तालियां भी बजायेंगे..
और आने वाले पल में नये ताजा हो जाओ.
विपत्तियों में इन्सान, ज्यादा निखरते हैं.
गुलाब की तरह चेहरा खिला देती है,
*दोस्तों* की याद को दिल से जाने न देना,
कभी कभी छोटी सी दुआ अर्श हिला देती है.