मस्त विचार 1717
यादें नहीं बिछड़तीं, लोग बिछड़ जाते हैं.
ए जिंदगी देख मेरे हौसले तुझसे भी बड़े हैं.
ख्वाहिशें तो ख़त्म होने से रहीं.
गम खाली थे ठहर गये…
क्योंकि वे अपने भ्रम को टूटने नहीं देना चाहते.
“पाँव” भले ही “फिसल” जाये पर “जुबान” को कभी मत फिसलने देना..