मस्त विचार 1771
मन के सौ टुकड़े कर दिए तूने बुरा बर्ताव करके,
क्या मिला तुझको इस तरह मेरे मन में घाव करके.
क्या मिला तुझको इस तरह मेरे मन में घाव करके.
लोग पी जाते अगर समंदर खारा न होता.
उस समय भी समय गुजर रहा होता है.
दुनिया में छोड़ने जैसा कुछ है तो दुसरों से उम्मीद करना छोड़ दो.
कुछ लोग तो दूसरों की खुशियाँ देख कर भी बीमार हो जाते हैं.
वो बदल गया है जिसके लिए हम ज़िंदा थे.