मस्त विचार 1491
दूसरों के आईने बनने की ख्वाहिश मिट जाएगी.
दूसरों के आईने बनने की ख्वाहिश मिट जाएगी.
और कोई खुदा से…सूखी रोटी का शुक्र मना रहा था.
ज़िम्मेदारियों के शोर में, ….कुछ सुनाई नहीं देता.
_खैर, खुद को खोकर, फिर खुद को पा लेने की जद्दोजहद का नाम ही ज़िंदगी है..!!
कभी खुशियों की धूप, कभी हकीकत की छाया,
कुछ खोकर……..पाने की आशा……
शायद यही है, ज़िन्दगी की सही परिभाषा…
किसी शख्स को भुला देना इतना आसान तो नहीं होता, दिल को समझने में कुछ वक़्त तो लगता है….
भरी महफ़िल में जब कोई अचानक याद आ जाये तो फिर आँसुओ को छुपाने में कुछ वक़्त तो लगता है….
जो शख्स जान से भी प्यारा हो अचानक दूर हो जाये तो….दिल को यकीं दिलाने में कुछ वक़्त तो लगता है…..
खुद उसकी ख़ुशबू लेना मत भूलिये.