मस्त विचार 1430

ये दुनिया है यहाँ जीवन बिताना किसको आता है ?

हजारों जन्म लेते हैं, बनाना किसको आता है ?

कमाने के लिए सारे, खूब ही भागा करते हैं…

आप ही कह दो सही धन का कमाना किसको आता है ?

जरा से जोश में आकर वचन मुख से बोल देते हैं…

वक़्त पड़ने पर वचनों को निभाना किसको आता है ?

लगाते हैं मधुर प्रीति छणिक दो चार रोजों की…

मगर सच्ची मोहब्बत का लगाना किसको आता है ?

ये दुनिया है यहाँ जीवन बिताना किसको आता है ?

मस्त विचार 1429

मंदिर में फूल चढ़ा कर आया तो यह एहसास हुआ कि…

पत्थरों को मनाने….फूलों का क़त्ल कर आया हूँ…

गया था” गुनाहों की माफ़ी मांगने…

वहाँ एक और गुनाह कर आया हूँ.

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