मस्त विचार 1429

मंदिर में फूल चढ़ा कर आया तो यह एहसास हुआ कि…

पत्थरों को मनाने….फूलों का क़त्ल कर आया हूँ…

गया था” गुनाहों की माफ़ी मांगने…

वहाँ एक और गुनाह कर आया हूँ.

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