मस्त विचार 1449

ज़िन्दगी चाहे एक दिन की हो, चाहे चार दिन की.

उसे ऐसे जीयो जैसे कि,

ज़िन्दगी तुम्हे नहीं मिली, ज़िन्दगी को तुम मिले हो.

मस्त विचार 1447

फासले बढ़ते हैं तो, गलतफहमियाँ भी बढ़ती हैं,

फिर वो भी सुनाई देने लगता हैं जो,कभी कहा ही नहीं..

मस्त विचार 1444

मेरे अच्छे वक्त ने दुनिया को बताया कि मैं कैसा हूँ

और मेरे बुरे वक्त ने मुझे बताया है कि दुनिया कैसी है.

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