मस्त विचार 1393
जब आँख भर आये तो मुस्कुरा दिया कर…
गुमान रहे सबको तेरी खुशमिज़ाजी का…
गुमान रहे सबको तेरी खुशमिज़ाजी का…
तेरे “नाम की मस्ती में खुश रहने का मजा ही कुछ और हैं..!
एक दुनिया है न जाने मुझे क्या क्या समझ लेती है.
क्यूंकि घर की जिम्मेदारी है मुझ पर….
उसके लिए दुख करना बंद कर दो.!!