मस्त विचार 1348
कमाल है…….क्या समय चल रहा है,
खाते हैं तो पचता नहीं, कमाते हैं तो बचता नहीं.
खाते हैं तो पचता नहीं, कमाते हैं तो बचता नहीं.
तुम बढ़ते जाना…….
किसी शख्स के जख्म पर मरहम किया है, यदि तूने तो, खुदा की बंदगी की है.
_ उसके पास से उसका सब समेट कर.. उसे बिल्कुल असहाय छोड़ के चल देता है..!!
अगर आपको छोडना ही है, तो अपनी कमजोरियाँ छोड़िये.
वज़ह ये कि अहमियत नहीं होती..।
_ जिस में इंसान का सब कुछ दिखाई देता है !!