मस्त विचार 1275
जितना बड़ा परिवार होगा,
आपस के प्रेम के स्त्रोत उतने ही अधिक होंगे.
आपस के प्रेम के स्त्रोत उतने ही अधिक होंगे.
अगर ‘वक़्त’ हमारा ‘अच्छा’ हो !
उस उम्र की बातें, उम्र भर याद आती है.
वर्ना जिंदगी कट जाती हे… “तक़दीर” को इल्जाम देते देते…
उसका परिणाम कभी छोटा नहीं होता.
लेकिन साधारण नहीं होता,
वह तो अँधेरे को चीरने की शक्ति रखता है.