मस्त विचार 1460
फर्क सिर्फ सोच का होता है, वरना सीढियाँ वही होती है,
जो किसी के लिए ऊपर जाती हैं और किसी के लिए नीचे आती हैं.
जो किसी के लिए ऊपर जाती हैं और किसी के लिए नीचे आती हैं.
पर लोग कैचियाँ चला कर, सारा फ़साना ही बदल देते हैं.
_ बातें भूल भी जाऊँ पर लहजा याद रखता हूँ..!!
नज़र उसे ही पसंद करती है जो नसीब में नही होता.
लेकिन कुछ लोग हमें बेजुबां समझ लेते हैं.
लेकिन हर कोई उसे देख नहीं पाता.