मस्त विचार 1337
…जो भी दाना दे, ख़ुशी से खा लेते हैं …
…जो भी दाना दे, ख़ुशी से खा लेते हैं …
फिर भी उस की सीमा हमें बांधे रखती है.
बातें बयां ना होगी तो राज बन जायेगी,
आहट बयां ना होगी तो, सन्नाटा बन जायेगी,
हया बयां ना होगी तो बेशरमी बन जायेगी।
हाथ ना बढ़ाओगे तो, दूरियाँ बढ़ जायेगी,
पतवार बढ़ाओ तो, कश्ती संभल जायेगी ।
मनोबल मजबूत रख, मुश्किलें ना टिक पायेगी।
शक ना कर,विश्वाश रख, गलतफहमियां दूर हो जाएंगी ।
प्यार से गले लगा ले, मोहब्बत, सीने में उतर जायेगी,
चन्द लमहों का है ये सफर, फिर बिछड़ जाना है,
बस केवल यादें ही रह जायेगी ।
अपने तो अपने ही होते है, साथ लेकर चल,
ये बातें तो दूर तलक जायेगी.
।।पीके ।।
क्योंकि…. मुझे अपने सिवा किसी से कोई उम्मीद नहीं …!!!
अक्सर वही आपकी आँखें खोल जाता है.
हर ईंट सोचती है, दीवार मुझ पर टिकी है.