| Jul 10, 2016 | मस्त विचार
क्या है उससे अपना नाता ?
मन के अँधेरे को तू है मिटाता, ज्ञान के प्रकाश को है बिछाता.
प्रेम की पुलक को है बढ़ाता, भटकों को सन्मार्ग दिखाता.
रोते मन को रोज हंसाता, मृत जीवन में साँस चलाता.
दुखियों के दुःख दर्द मिटाता, सदाचार का पाठ पढाता.
क्या है उससे अपना नाता ?
| Jul 9, 2016 | मस्त विचार
चलो जिंदगी को जिंदादिली से जीने के लिये
एक छोटा सा उसूल बनाते हैं,
रोज कुछ अच्छा याद रखते हैं और कुछ बुरा भूल जाते हैं .
| Jul 8, 2016 | मस्त विचार
जहाँ दूसरों को “समझाना” कठिन हो,
वहाँ खुद को समझ लेना ही बेहतर है.
| Jul 7, 2016 | मस्त विचार
“राहत” भी अपनों से मिलती है,
“चाहत” भी अपनों से मिलती है,
“अपनों से कभी रुठना नहीं, क्योंकि
“मुस्कुराहट” भी सिर्फ अपनों से मिलती है”
| Jul 6, 2016 | मस्त विचार
मनुष्य की आदत है जो उसे सहज ही प्राप्त होता है,
वह उस की कीमत नहीं समझता.
| Jul 5, 2016 | मस्त विचार
ज़िन्दगी से गिला किया ही नही….
ज़ख्म खाए है, मुस्कुराये हैं……