मस्त विचार 1287

करोड़ों की भीड़ में “इतिहास” मुठ्ठी भर लोग ही बनाते हैं,

वही रचते हैं “इतिहास” जो आलोचना से नहीं घबराते हैं…

मस्त विचार 1286

अगर तेरा सहारा न होता,

तो सुन्दर संसार हमारा न होता.

तुफानो की तबाही में गुम हो जाते,

अगर सर पे हाथ तुम्हारा न होता.

मस्त विचार 1285

बाद, बहुत बाद में समझ आया,

किसी एक सपने के सच होने में

किसी दूसरे सपने का, टूट जाना भी छिपा रहता है.

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