मस्त विचार 1272
तकदीरे बदल जाती है.. जब जिंदगी जीने का कोई मकसद हो..
वर्ना जिंदगी कट जाती हे… “तक़दीर” को इल्जाम देते देते…
वर्ना जिंदगी कट जाती हे… “तक़दीर” को इल्जाम देते देते…
उसका परिणाम कभी छोटा नहीं होता.
लेकिन साधारण नहीं होता,
वह तो अँधेरे को चीरने की शक्ति रखता है.
_ जिसे उसकी जन्मकुंडली तक पता हो,,,,,,
लेकिन उसे लेने के लिए जीवन बचा नहीं होता.
तो उस से दोगुनी सहायता हमें वापस मिल जाती है.