मस्त विचार 1097
बस खुद को “मजबूत” बनाना पड़ता है.
बस खुद को “मजबूत” बनाना पड़ता है.
पर समझ हमेशा कर्म से दिखायी देती है.
चाहे लोग कहे कुछ भी, तू तो जिम्मेदारी रख,
वक्त पड़े काम आने का, पहले अपनी बारी रख,
मुसीबतें तो आएंगी, पूरी अब तैयारी रख,
कामयाबी मिले ना मिले,जंग हौंसलों की जारी रख,
बोझ लगेंगे सब हल्के, मन को मत भारी रख,
मन जीता तो जग जीता,कायम अपनी खुद्दारी रख.
चाहे पूरा ना हो…..आवाज तो दो.
एक दिन पूरे हो जाएंगे.. सारे ख्वाब तुम्हारे.
सिर्फ सोचो नहीं….एक शुरुआत तो दो.
अपनी जिंदगी को एक नया ख्वाब तो दो.
अंधेर घुप्प काला हो, उजाला ढूंढ लेते हैं.
नहीं फंसते शिकंजे में लकीरों के, जिगर वाले.
भले प्रतिकूल हो लहरें, किनारा ढूंढ लेते हैं.
बल्कि
लोग उस वक़्त हमारी कदर करते हैं जब वो अकेले हों.