मस्त विचार 1260
हँसते हैं सब लोग ही, औरों पर दिन- रात.
खुद पर हँसना सीख लो, बन जाएगी बात.
खुद पर हँसना सीख लो, बन जाएगी बात.
सच्चे लोग तो आरोपों से ही मर जाते हैं.
कि बेकरार होकर भी, अब तक बरक़रार हूं मैं.
और वो डूबते डूबते भी तर गए, जिन पर तू मेहरबान था.
कान भरने वालो की नही.