मस्त विचार 4718
” जिंदगी तो खूबसूरत ही थी “,
कमबख्त अगर हम ही इसे जीना ना सीख पाएं तो
इसमें जिंदगी की क्या गलती.
कमबख्त अगर हम ही इसे जीना ना सीख पाएं तो
इसमें जिंदगी की क्या गलती.
लगता है अब बस पढना ही पढना है..
बर्बादियों का जश्न मनाता चला गया..
ख़ुद की बताने का मन नहीं करता…
अमीर की बकवास पर भी “हां जी : हां जी” होय..
डरना नही यारा, धीरे धीरे निखर भी रहे हो तुम..