मस्त विचार 4872
जब कुछ समझ ना आए तो हमें याद करना…
_ कभी वक़्त मिले तो हमसे भी मुलाकात करना..
_ कभी वक़्त मिले तो हमसे भी मुलाकात करना..
_ ऐसी दुखद बात को मै बयां कैसे करूं,,,,,
_ जो बात करे,,खुशी,,से..
कभी बहुत बाते किया करते थे हमसे _ अब खैरियत तक पूछा नहीं करते,,,
_ या तुम्हें लेकर मेरा नज़रिया ज़्यादा अच्छा है..
जो हमारी आवाज से ही हमारी खुशी और दुख का अंदाज लगा लेते हैं.