मस्त विचार 4886
*तेरी – मेरी, इसकी – उसकी* छोड़ो भी अब,
*खुद से खुद की शक्ल* मिलाओ तो अच्छा है..!!
*खुद से खुद की शक्ल* मिलाओ तो अच्छा है..!!
_ लेकिन अंततः जो आपको मिलता है, वो उससे बेहतर होता है.. जो आप चाहते थे.!!
_ कोई तुमसे कहे के तेरी हिफ़ाज़त कर रहे हैं हम.!!