मस्त विचार 1043
सबको उसी तराजू में तोलिए जिसमें खुद को तोलते हो…
फिर पता चलेगा,
लोग उतने भी बुरे नहीं हैं जितना हम समझते हैं…
फिर पता चलेगा,
लोग उतने भी बुरे नहीं हैं जितना हम समझते हैं…
जमाने को अपनी ही फिक्र से फुर्सत कहाँ ..!
मगर “जरिया” बनकर किसी को बचायें तो कोई बात बनें…
एक सितारा भी संसार चमका देता है,
जहाँ दुनिया भर के रिश्ते काम नही आते,
वहाँ मेरा एक यार जिन्दगी बना देता है.
किसी के मुंह पर एक सच बोल कर तो देखिये
….एक नया ही रंग सामने आएगा…”!!
बस जिक्र करने का हक नहीं रहा.