मस्त विचार 1228

तमन्नाओं से भरी इस जिंदगी में तू सिर्फ भाग रहा है,

कुछ रफ्तार धीमी कर मेरे यार और इस जिंदगी को जिओ.

मस्त विचार 1227

गुनहगारों की आँखों में झूठे ग़ुरूर होते हैं…

शर्मिन्दा तो यहाँ सिर्फ़ बेक़सूर होते हैं…

मस्त विचार 1226

दुनिया के ग़मों को पीकर जो उदास न हो,

हँसे और हँसाये, मस्ती में रहे और मस्ती को बाँटें – ” उन्हें जीना आ गया.”

मस्त विचार 1224

अगर हम वक़्त पर अक्लमंदी के साथ परिवर्तन नहीं करते,

तो परिवर्तन की यह आदत है कि वह बिना बुलाए ही

आ जाता है और सारा मामला गड़बड़ा देता है.

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