मस्त विचार 1229
ज़िन्दगी में समस्याएँ कभी भी स्थायी नहीं होती,
हर काली रात के बाद सुबह जरूर आएगी.
हर काली रात के बाद सुबह जरूर आएगी.
कुछ रफ्तार धीमी कर मेरे यार और इस जिंदगी को जिओ.
शर्मिन्दा तो यहाँ सिर्फ़ बेक़सूर होते हैं…
हँसे और हँसाये, मस्ती में रहे और मस्ती को बाँटें – ” उन्हें जीना आ गया.”
और अगर जीना है तो आगे देखो.
तो परिवर्तन की यह आदत है कि वह बिना बुलाए ही
आ जाता है और सारा मामला गड़बड़ा देता है.