| Aug 25, 2016 | मस्त विचार
माना कि आदमी को हँसाता है आदमी;
इतना नहीं कि जितना रुलाता है आदमी;
माना गले से सब को लगाता है आदमी;
दिल में किसी-किसी को बिठाता है आदमी;
सुख में लिहाफ़ ओढ़ के सोता है चैन से;
दुख में हमेशा शोर मचाता है आदमी;
हर आदमी की ज़ात अजीब-ओ- गरीब है;
कब आदमी को दोस्तो! भाता है आदमी;
दुनिया से ख़ाली हाथ कभी लौटता नहीं;
कुछ राज़ अपने साथ ले जाता है आदमी………!!!!
| Aug 24, 2016 | मस्त विचार
अक्सर अकेले ही गुज़रती है ज़िन्दगी….
लोग तसल्लियां तो देते हैं पर साथ नहीं….
| Aug 23, 2016 | मस्त विचार
बुद्धिमता के साथ और धीरे चलो,
जो तेज भागते हैं, उन्हें ठोकर लगती है.
| Aug 22, 2016 | मस्त विचार
चला जाता हूँ इसी धुन में, कि कुछ करने कि आस है.
रास्ता है गर सही, तो मंजिल भी पास है.
| Aug 21, 2016 | मस्त विचार
सांस लेना जीवन नहीं होता.
जीया वही, जिसने जीवन जीना जाना.
| Aug 20, 2016 | मस्त विचार
ये सोच है हम इंसानों की, कि एक अकेला क्या कर सकता है
पर देख जरा उस सूरज को, वो अकेला ही तो चमकता है.