मस्त विचार 1082

अब ना करूँगा अपने दर्द को बयां किसी के सामने.

दर्द जब मुझको ही सहना है तो तमाशा क्यों करना.

मस्त विचार 1081

“माफ़ करें दूसरों को…

इसीलिए नहीं कि वो माफ़ी के लायक हैं..,

पर ये आपके अपने मन की *शान्ति* के लिए ज़रूरी है.

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