मस्त विचार 1194

जो चलते हैं मंजिल की ओर, वो शिकवे नहीं किया करते.

जो करते हैं शिकवे गिले, वो मंजिल पर पहुंचा नहीं करते.

मस्त विचार 1193

मैं लोगों से मुलाक़ातों के.,…..लम्हे याद रखता हूँ.

मैं बातें भूल भी जाऊँ.,…..तो लहजे याद रखता हूँ.

सा-री-महफ़िल निगाहें मुझ पे.,…..जिन लोगों की पड़ती हैं.,

…निगाहों के हवाले से वो चेहरे हमेशा याद रखता हूँ

ज़रा सा हट के चलता हूँ .,……..ज़माने की रवायात से

के जिन पे बोझ मैं डालूं ……”वो कंधे याद रखता हूँ “

मस्त विचार 1192

किसी से नाराज हो जाओ तो बस इतने

फासले पर ही होना जो –

एक कदम…

एक स्पर्श….

एक मुस्कुराहट…

एक आंसू…..

एक शब्द से सब कुछ

भूल कर वापस सम्बन्ध सोहाद्र-पूर्ण हो जाए।

मस्त विचार 1190

बस तू जरा कोशिश तो कर

मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में, तू जरा हिम्मत तो कर.

ख्वाब बदलेंगे हकीकत में, तू जरा कोशिश तो कर.

आंधियां सदा चलती नहीं, मुश्किलें सदा रहती नहीं.

मिलेंगी तुझे मंजिलें तेरी, बस तू जरा कोशिश तो कर.

राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है.

जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बन कर वही निकलता है.

बस तू जरा कोशिश तो कर.

मस्त विचार 1189

छोटी- छोटी बातों में खुशियाँ ढूंढें. हर वक्त

” तुम रूठे रहो मैं मनाता रहूँ ” के सहारे जिंदगी नहीं चलती.

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