मस्त विचार 1194
जो करते हैं शिकवे गिले, वो मंजिल पर पहुंचा नहीं करते.
जो करते हैं शिकवे गिले, वो मंजिल पर पहुंचा नहीं करते.
मैं बातें भूल भी जाऊँ.,…..तो लहजे याद रखता हूँ.
सा-री-महफ़िल निगाहें मुझ पे.,…..जिन लोगों की पड़ती हैं.,
…निगाहों के हवाले से वो चेहरे हमेशा याद रखता हूँ
ज़रा सा हट के चलता हूँ .,……..ज़माने की रवायात से
के जिन पे बोझ मैं डालूं ……”वो कंधे याद रखता हूँ “
फासले पर ही होना जो –
एक कदम…
एक स्पर्श….
एक मुस्कुराहट…
एक आंसू…..
एक शब्द से सब कुछ
भूल कर वापस सम्बन्ध सोहाद्र-पूर्ण हो जाए।
जमाने को करवटें बदलते हुए.
मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में, तू जरा हिम्मत तो कर.
ख्वाब बदलेंगे हकीकत में, तू जरा कोशिश तो कर.
आंधियां सदा चलती नहीं, मुश्किलें सदा रहती नहीं.
मिलेंगी तुझे मंजिलें तेरी, बस तू जरा कोशिश तो कर.
राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है.
जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बन कर वही निकलता है.
बस तू जरा कोशिश तो कर.
” तुम रूठे रहो मैं मनाता रहूँ ” के सहारे जिंदगी नहीं चलती.