मस्त विचार 1077

“कैसे करूँ शुक्रिया तेरी मेहरबानियों का”

“मुझे माँगने का सलीका नहीं है, पर

तू देने की हर अदा जानता है” !!

मस्त विचार 1076

जो अच्छा लगता है, उसे गौर से मत देखो !

ऐसा न हो कोई बुराई निकल आए….

जो बुरा लगता है, उसे गौर से देखो….

मुमकिन है अच्छाई नजर आ जाए…..

मस्त विचार 1073

करनी मुझे खुदा से एक फरयाद बाकी है,

कहनी मुझे उनसे एक बात बाकि है,

मौत भी अगर आ जाये तो मैं कह दूंगा ज़रा रूक,

अभी मेरे यार से एक मुलाकात बाकी है.

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