मस्त विचार 1024

*कटु सत्य*

*कागजो को एक साथ जोडे रखने वाली पिन ही कागजो को चुभती है ,*

*उसी प्रकार परिवार को भी वही व्यक्ति चुभता है ,*

*जो परिवार को जोड के रखता हो..!!*

मस्त विचार 1022

कोई नही देगा साथ तेरा यहॉं,

हर कोई यहॉं खुद ही में मशगुल है.

जिंदगी का बस एक ही ऊसुल है यहॉं,

तुझे गिरना भी खुद है और सम्हलना भी खुद है..

मस्त विचार 1020

हार नहीं मानूँगा मै.

काली गहरी रातों में, उबड़- खाबड़ रास्तों में

साथ कोई हो, न हो,परवाह नहीं

अकेला ही चलता जाऊँगा.

फूल मिले या काँटे मुझे राहों में

याद दिलाते रहे मुझे जो, मेरी मंजिल के सपने

राह चलते चूक भी गया तो ग़म कैसा.

अपनी ही लड़ाई से भय कैसा.

आज नहीं तो कल जीत ही जाऊँगा

हार नहीं मानूँगा मै.

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