मस्त विचार 1188
एक ख़्वाब ही था जिसने साथ ना छोड़ा..
हक़ीक़त तो बदलती रही हालातो के साथ..
हक़ीक़त तो बदलती रही हालातो के साथ..
समझ ही नहीं आता क्या खोया क्या पाया.
इसीलिए शायद ज़िन्दगी का एक नाम है पहेली.
इसको सुलझाने- सुलझाने में ही जीवन बिताया.
जब हम खुद से ज्यादा दूसरों पर भरोसा करते हैं.
खुद पर भरोसा कीजिए, हार भी गए तो,
एक सबक मिलेगा अगली बार जीतने के लिए.
चाहे रास्ते बदल – बदल कर ही चलिए.
अपने आप में बुद्धिमता का परिणाम है.
ज्ञान का दीप जलाएं, अँधेरा खुद भाग जायेगा.