मस्त विचार 1008
मंजिल तो हासिल कर ही लेंगे कहीं किसी रोज,
ठोकरें ज़हर तो नहीं जो खा के मर जाएँ….
अपने मन में आपके प्रति ज़हर रखने वालों से,
_दूर हो जाना किसी जीत से कम नहीं होता..
ठोकरें ज़हर तो नहीं जो खा के मर जाएँ….
_दूर हो जाना किसी जीत से कम नहीं होता..
रिश्ता क्या है समझा नहीं सकता.
तुम मेरे लिए इतने ख़ास हो कि,
तुम जो नहीं साथ तो मैं मुस्करा नहीं सकता.
तो कभी ख़ुद को आज़माईये, नतीजे बेहतर होंगें.
_ कि खुदा नूर भी बरसाता है, आजमाइशों के बाद ..
हम कोशिश भी ना करें , ये तो गलत बात है.
सच तो ये है की हम जीना ही देर से शुरू करते हैं.