| Mar 19, 2016 | मस्त विचार
मुझे खुद ही से तू मिला.
देख के रूप तेरा कुछ यूँ लगा .
सोया था बरसों से अभी हूँ जगा .
कर दिया अब तो हवाले तुझको .
अब तो नैया पार तू लगा .
कभी – कभी अज्ञान में भटक जाता हूँ .
अपने ज्ञान रूप से रास्ता दिखा .
आया हूँ तेरे दर, करता हूँ सजदा .
कौन हूँ मै जानता नहीं .
मुझे खुद ही से तू मिला.
| Mar 18, 2016 | मस्त विचार
लहरों से खेलना तो सागर का शौक है,
लगती है चोट कैसे, किनारों से पूछिये …
| Mar 17, 2016 | मस्त विचार
जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है,
कभी हंसाती है तो कभी रुलाती है.
..पर जो हर हाल में खुश रहते हैं,
जिंदगी उनके आगे सर झुकाती है.
| Mar 16, 2016 | मस्त विचार
यूँ तो अकेले अक्सर गिर कर संभल सकता हूँ मैं ….
तुम जो पकड़ लो हाथ मेरा, दुनिया बदल सकता हूँ मैं …..
| Mar 15, 2016 | मस्त विचार
ख़्वाब आँखों में रहे,और पिघल गई ज़िन्दगी……
किससे करें शिकायत,ख़ुद ही बदल गई ज़िन्दगी……
| Mar 14, 2016 | मस्त विचार
सुरमे की तरहा मुझको हालात ने पीसा है,
तब जा के चढ़ा हूँ मै लोगों की निगाहों में.