मस्त विचार 930
किसी को पाने की यूँ इन्तहा कर दी मैंने……
किसी को पाने की यूँ इन्तहा कर दी मैंने……
मुझे मिलती है ताकत और मुस्कुराने की. वो समझतें हैं बिखर जाऊँगा. मुझे यकीन है और निखर जाँऊगा. मैंने गिर- गिर के अपने आप को उठाया है. मुझे यकीन है रब का मुझ पर साया है.
एक बार खुद को बदल कर देखो. दूसरों को कई बार सुधारना चाहा, एक बार खुद को सुधार कर देखो. दूसरों को बारबार सीख देनी चाही, एक बार खुद को सीख दे कर देखो. दूसरों को हमेशा उपदेश देने चाहे, एक बार खुद उन का पालन कर के देखो. दूसरों को बारबार कष्ट देना चाहा, एक बार खुद को कष्ट दे कर देखो. दूसरों को बहुत बार भरोसा दिलाना चाहा, एक बार खुद पर भरोसा कर के देखो.
वर्ना इतना रौशन मेरा घर कब था.
या तो दिल के, या तो आँखों के…….
बरस बीते महीनो में, दिन निकल जाते हैं यूँ ही, जिंदगी बदल जाती हैं पलों में लोग आते हैं, चले जाते हैं, किस्से यहीं रह जाते हैं, किस्सा प्यार का, किस्सा तकरार का, किस्से उम्मीदों के, किस्से नाउम्मीदों के, कोई हमसे दूर चला गया, कोई आकर हमसे जुड़ गया, कुछ बात आपकी लग गयी, कुछ मुझसे खता हो गयी, मीठी यादों को समेट लो, कड़वे किस्से छोड़ दो, अहसास करो रिश्तो को, दोस्ती के गुलदस्तों को, साथ ले लोगे तो राहें आसान हो जायेगीं मुँह मोड़ लोगे तो रास्ते मुश्किल, हाथ बढ़ाते चलो, कारवां बन जाएगा, दोस्तों का साथ पाकर, हो जाएगा आसान, जिंदगी का सफर, अपनों को अपने पास पाकर… Pk