मस्त विचार 1093
जिन्हें जीना हो जीने का बहाना ढूंढ लेते हैं.
अंधेर घुप्प काला हो, उजाला ढूंढ लेते हैं.
नहीं फंसते शिकंजे में लकीरों के, जिगर वाले.
भले प्रतिकूल हो लहरें, किनारा ढूंढ लेते हैं.
अंधेर घुप्प काला हो, उजाला ढूंढ लेते हैं.
नहीं फंसते शिकंजे में लकीरों के, जिगर वाले.
भले प्रतिकूल हो लहरें, किनारा ढूंढ लेते हैं.
बल्कि
लोग उस वक़्त हमारी कदर करते हैं जब वो अकेले हों.
कुछ अपने ऐसे निकले जो गैर का मतलब बता गए.
आवश्यक तो यह है कि हर हार से कुछ सिखा जाए.
हम तो आज भी वो एहसास रखते हैं,
बदले-बदले तो आप हैं जनाब,
हमारे अलावा सभी को याद रखते हैं.