मस्त विचार 975

हम रिश्तों को ओर अधिक बेहतरीन बना सकते हैं !

“अपनी सोच में छोटा सा बदलाव करके !

“कि सामने वाला गलत नही है !

“सिर्फ हमारी उम्मीद से थोड़ा अलग है.

मस्त विचार 974

न हों पतझड़ तो बहारें किस काम कीं.

संघर्ष बिना ज़िन्दगी ये बस नाम की.

मुकाम पर पहुँचा तू अपने वजूद को.

हार जाएगा,परवाह की जो अंजाम की. 

मस्त विचार 973

चेहरे की हँसी से गम को भुला दो, कम बोलो पर सब कुछ बता दो,

खुद ना रूठो पर सब को हँसा दो,

यही राज है ज़िन्दगी का, कि जियो और जीना सीखा दो.

मस्त विचार 971

दुःख मिले तो भी सह लेते हैं, आँसू मिलें तो पी लेते हैं.

हम तो हैं उन फूलों जैसे. जो काँटों में भी जी लेते हैं.

मस्त विचार 970

जो मुसकरा रहा है उसे दर्द ने पाला होगा,

जो चल रहा है उस के पैरों में छाला होगा,

बिना संघर्ष के इंसान चमक नहीं सकता,

जो जलेगा उसी दिए में तो उजाला होगा.

error: Content is protected