मस्त विचार 1081

“माफ़ करें दूसरों को…

इसीलिए नहीं कि वो माफ़ी के लायक हैं..,

पर ये आपके अपने मन की *शान्ति* के लिए ज़रूरी है.

मस्त विचार 1077

“कैसे करूँ शुक्रिया तेरी मेहरबानियों का”

“मुझे माँगने का सलीका नहीं है, पर

तू देने की हर अदा जानता है” !!

मस्त विचार 1076

जो अच्छा लगता है, उसे गौर से मत देखो !

ऐसा न हो कोई बुराई निकल आए….

जो बुरा लगता है, उसे गौर से देखो….

मुमकिन है अच्छाई नजर आ जाए…..

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