मस्त विचार 913
_ लेकिन औरों को गिराने का इरादा कभी नहीं.
_ लेकिन औरों को गिराने का इरादा कभी नहीं.
कैसे मान लूँ कि तुझे मेरी परवाह नहीं…….. कैसे मान लूँ कि तू दूर है पास नहीं………. देर मैंने ही लगाई पहचानने में…..मेरे यार वरना तू ने जो दिया उस का तो कोई हिसाब नहीं. जैसे जैसे मैं सर को झुकाता चला गया वैसे वैसे तू मुझे उठाता चला गया.
मौसम की हर अदा आपके नाम कर दी. दिल ने चाहा कुछ ख़ास तोहफा दें आपको. तो दिल से निकली हर दुआ आपके नाम कर दी.
ज़िन्दगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये, ठहरोगे एक पाँव पर तो थक जाओगे, धीरे धीरे ही सही मगर राह पर चलते रहिये.
जी लीजीए ज़िन्दगी को भरपूर, ये अवसर शायद फिर न आएगा.
भूल गये तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया…..