| Feb 16, 2016 | मस्त विचार
यादों का किस्सा खोलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं..
मै गुजरे पल को सोचूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं..
अब जाने कौन कहाँ आबाद हैं,
मुलाक़ात नहीं है एक मुद्दत से,
मै देर रात तक जागूँ तो ,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं..
कुछ की बातें थीं फूलों जैसी,
कुछ के लहजे थे खुशबू जैसे,
मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं..
वो पल भर के झगडे&नाराजगी,
फिर मान भी जाना पल भर में,
आज मैं खुद से भी रूठूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत याद आते है…….ll
| Feb 15, 2016 | मस्त विचार
हल्की-फुल्की सी है जिँदगी,
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बोझ तो बस ख़्वाहिशोँ का है.
| Feb 14, 2016 | मस्त विचार
बहुत ही मुश्किल काम करने लगा हुँ मै!!!!
आजकल अपने काम से काम रखने लगा हुँ मैं !!!
| Feb 13, 2016 | मस्त विचार
ओ री चिरिया! नन्ही सी चिरिया अंगना मे फिर आजा री,
अँधियारा है घना, और लहू से सना,
किरणों के तिनके अम्बर से चुन के अंगना मे फिर आजा री,
हमने तुम पे हज़ारो सितम है किए,
हमने तुम पे दुनिया भर के जुल्म है किए,
हमने सोचा नहीं, तू जो उड़ जाएगी,
ये जमी तेरे बिन सूनी रह जाएगी ,,
किस के दम पे सजेगा हमारा अंगना ….. ओ री चिरिया !!!!
| Feb 12, 2016 | मस्त विचार
अपनी अच्छाई पर क्या गुरुर करना _
_ किसी की कहानी मेँ शायद मैं भी गलत हूँ.
| Feb 11, 2016 | मस्त विचार
कोई साथ दे या न दे, चलना मुझे आता है.
हर आग से वाकिफ़ हूँ, जलना मुझे आता है.