मस्त विचार 907
सुन कर झूठी तारीफ, खूब मुस्कुराते हैं लोग..!
सच सुनने से न जाने क्यों कतराते हैं लोग,
सुन कर झूठी तारीफ, खूब मुस्कुराते हैं लोग..!
सच सुनने से न जाने क्यों कतराते हैं लोग,
जिससे मिलने के बाद कोई खुद को छोटा महसूस न करे.
बड़ा आदमी वो कहलाता हैं…..
सपनों को बुनने जितनी डोरी खरीद ली. शौक- ए- ज़िन्दगी कुछ कम किए, फिर सस्ते में ही सुकून-ए-ज़िन्दगी खरीद ली.
सब ने सोना ख़रीदा, मैंने सुई खरीद ली.
क्योंकि जो बगैर दस्तक के आते हैं वो अपने ही होते हैं….
तेरी याद जब आती हैं तो उसे रोकते नहीं हम….
हम तो समुद्र में डुबकियाँ लगा कर ही जीने का मजा लेते हैं.
तू दिन रात कोशिशें करता है किनारा ढूँढने की,
अब शाम हो रही है मेरा साथ छोड़ दो.