मस्त विचार 1069
शुक्रगुजार हूँ उन तमाम लोगों का जिन्होंने बुरे वक्त मे मेरा साथ छोङ दिया,
क्योंकि उन्हे भरोसा था कि मै मुसीबतो से अकेले ही निपट सकता हूँ.
क्योंकि उन्हे भरोसा था कि मै मुसीबतो से अकेले ही निपट सकता हूँ.
ना, नाराज़ है…………….ज़िन्दगी..,
बस जो है….वो आज है………..ज़िन्दगी.!!!
दूसरों पर आश्रय उस की स्वयं की सत्ता को सोख लेता है.
अतः उत्तम प्रभाव डालने के लिए यह एक सहज उपाय है.
ना तो किसी को ग़म चाहिए और ना ही किसी को कम चाहिए…”
ढूंढने चले थे जिंदगी, जिंदगी से दूर हो गए.