मस्त विचार 1069

शुक्रगुजार हूँ उन तमाम लोगों का जिन्होंने बुरे वक्त मे मेरा साथ छोङ दिया,

क्योंकि उन्हे भरोसा था कि मै मुसीबतो से अकेले ही निपट सकता हूँ.

मस्त विचार 1068

ना, राज़ है…………ज़िन्दगी…,

ना, नाराज़ है…………….ज़िन्दगी..,

बस जो है….वो आज है………..ज़िन्दगी.!!!

मस्त विचार 1067

इंसान को कुछ भी पाना है तो उसे प्रयास करना होगा,

दूसरों पर आश्रय उस की स्वयं की सत्ता को सोख लेता है.

मस्त विचार 1066

“नमस्ते” प्रशंसा का एक हल्का- सा स्वरुप है,

अतः उत्तम प्रभाव डालने के लिए यह एक सहज उपाय है.

मस्त विचार 1065

“ज़िन्दगी में सारा झगड़ा ही, ख्वाहिशों का है..

ना तो किसी को ग़म चाहिए और ना ही किसी को कम चाहिए…”

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