मस्त विचार 950

कभी जो वक्त की लू जिस्म को जलाती है….

ऐसे में तेरे ख्याल की बारिशों में भीगता हूँ मैं…….

मस्त विचार 949

कुछ कोशिश थी,अलहदा कर गुजरने की

कुछ कोशिश थी, अपने से खुद मिलने की

कुछ कोशिश थी. जमाने की चाल से अलग

अपना सा मुकाम पाने की.

मस्त विचार 948

समस्याएं इतनी ताक़तवर नहीं हो सकती.. जितना हम इन्हें मान लेते हैं,

_ कभी सुना है ,, कि”.. अंधेरों ने सुबह होने ही ना दी हो.!!

सबसे ताक़तवर वही है, जो टूटते ख्वाब, बिखरते रिश्ते और डगमगाते सपनों के बीच भी हिम्मत रखे और बोले.. “मैं ठीक हूं”

मस्त विचार – वो दोस्त अब थकने लगे हैं – 947

साथ साथ जो खेले थे बचपन में,

वो दोस्त अब थकने लगे हैं …

किसीका पेट निकल आया है, किसीके बाल पकने लगे हैं …

सब पर भारी ज़िम्मेदारी है, सबको छोटी मोटी कोई बीमारी है…

दिनभर जो भागते दौड़ते थे, वो अब चलते चलते भी रुकने लगे हैं …

पर ये हकीकत है, सब दोस्त थकने लगे हैं …

किसी को लोन की फ़िक्र है, कहीं हेल्थ टेस्ट का ज़िक्र है…

फुर्सत की सब को कमी है, आँखों में अजीब सी नमीं है…

कल जो प्यार के ख़त लिखते थे, आज बीमे के फार्म भरने में लगे हैं …

पर ये हकीकत है, सब दोस्त थकने लगे हैं …

देख कर पुरानी तस्वीरें, आज जी भर आता है…

क्या अजीब शै है ये वक़्त भी, किस तरहा ये गुज़र जाता है…

कल का जवान दोस्त मेरा, आज अधेड़ नज़र आता है…

ख़्वाब सजाते थे जो कभी, आज गुज़रे दिनों में खोने लगे हैं …

पर ये हकीकत है, सब दोस्त थकने लगे हैं ..

मस्त विचार 946

जो आँसू दिल में गिरते हैं वो आँखों में नहीं रहते;

बहुत से हर्फ़ ऐसे हैं जो लफ़्ज़ों में नहीं रहते;

किताबों में लिखे जाते हैं दुनिया भर के अफ़साने;

मगर जिन में हक़ीक़त हो वो किताबों में नहीं रहते…!!! 

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