मस्त विचार 894

कुछ मत बोलो यार, बातों से मन टूट जाएगा.

मौन शब्दों से, नजरों की जुबां से, बातों को होने दो.

मस्त विचार 892

ज्यादातर लोग नुमाइश पसंद होते हैं,

क्योंकि उन्हें अच्छाइयों कि दिव्यता का,

ना तो ज्ञान होता है और ना अनुभव.

मस्त विचार 891

मैंने यार ऎसा पाया है, जिस ने मुझे जीना सिखाया है.

दुनिया का चेहरा, बड़ी गहराई से दिखलाया है.

एक- एक रिश्ते की अहमियत को,

बड़े प्यार से समझाया है.

रिश्तों की असलियत दिखा कर,

उस ने अपना प्यार मेरे मन में जगाया है.

हर रस्ते पे उस ने मेरा हाथ पकड़ा,

और मुझे तूफानों से बचाया है.

क्या गुण गाऊं उस के,

जिस ने मुझ जैसे को भी गले लगाया है.

मैंने यार ऎसा पाया है, जिस ने मुझे जीना सिखाया है.

मस्त विचार 890

दुनिया रिश्तों पर चल रही है – खून के रिश्ते, दोस्ती के रिश्ते,

सामजिक रिश्ते और मानवता का नाता.

इन चार कैटेगरी में सारे रिश्ते आ जाते हैं

और इन्ही के इर्दगिर्द हम जीवन गुजार लेते हैं.

error: Content is protected