मस्त विचार 1080
और कितने इम्तिहान लेगा ऐ वक़्त तू,
ज़िंदगी मेरी है तो फिर मर्जी तेरी क्यूँ..
ज़िंदगी मेरी है तो फिर मर्जी तेरी क्यूँ..
रास्ता खुद ब खुद दिखाती है !!!
चेहरा दिखाओ तो…लोग बुरा मानते हैं..
“मुझे माँगने का सलीका नहीं है, पर
तू देने की हर अदा जानता है” !!
ऐसा न हो कोई बुराई निकल आए….
जो बुरा लगता है, उसे गौर से देखो….
मुमकिन है अच्छाई नजर आ जाए…..
जो कहते हैं, “मेरा यक़ीन तो करो”