मस्त विचार 889

तुम्हारे आते ही बदल जाता है सब कुछ.

दुख उठ कर चला जाता है कहीं,

उदासी घुल जाती है ख़ुशी की रोशनी में.

खाली खाली सा मेरा मन भर उठता है खुशी से.

तुम्हारे आते ही बदल जाता है सब कुछ.

मस्त विचार 888

मुझसे नफरत तभी करना,

जब आप मेरे बारे में सब कुछ जानते हों.

तब तक नहीं, जब किसी से सुना हो.

मस्त विचार 887

चाहते हो भीगना बरसात में, तो मेरी इन आँखों में देखो,

ये बरसात तो सबके लिए होती है, लेकिन ऐ मेरे यार ये आँखें,

सिर्फ तुम्हारे लिए रोती हैं.

मस्त विचार 886

अब तुझे रोज़ ना सोचें तो तड़प उठते हैं हम…….!

अब आदी हो चुके हैं तेरी यादों का नशा करते-करते ……!!

मस्त विचार 884

ज़िन्दगी तेरे साये में लोग रोज घुट- घुट कर मरते हैं,

ना जाने क्यूँ फिर भी लोग जीना तुझी को कहतें हैं.

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