मस्त विचार 1074
मत कर दुखी तू मन को अपने,
अगर सुख नहीं रहे तो दुख भी नहीं रहेंगे.
अगर सुख नहीं रहे तो दुख भी नहीं रहेंगे.
कहनी मुझे उनसे एक बात बाकि है,
मौत भी अगर आ जाये तो मैं कह दूंगा ज़रा रूक,
अभी मेरे यार से एक मुलाकात बाकी है.
तो हमारे ग़मों को किसी की नजर आखिर क्यों नहीं लगती ???
है कोई जवाब ?
तो फिर देखना फिजूल है कद आसमान का.
_ पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है.
फरेब से घाव नहीं, _ तजुर्बे लिया करो !!!
क्योंकि उन्हे भरोसा था कि मै मुसीबतो से अकेले ही निपट सकता हूँ.