मस्त विचार 877
बात तो ” उन्ही की होती है ” जिन मे कोई ” बात ” होती है !!
बात तो ” उन्ही की होती है ” जिन मे कोई ” बात ” होती है !!
और हम थे कि सहते सहते पत्थर के हो गये..!!
जो कार्य विधि का चतुराई से विकास करते हैं.
दुख के इन कंबलों को मिल के आज सीया जाए. टूटे हुए रिश्तों पे क्यूं ना थोड़ा रोया जाए. प्यार का एक बीज उनमे मिल के आज बोया जाए. बचपन की उन उड़ानों में क्यूं ना आज थोड़ा खोया जाए. आँखों से छलकते आंसुओं की बारिश में आज भिगोया जाए. अपनेपन के जाल में क्यूं ना दुश्मनो को भी फसाया जाए. पुरानी नफरतें भूल कर उनको भी आज हंसाया जाए. पछतावे की आग में क्यूं ना थोड़ा नहाया जाए. अहंकार और घमंड को मिल के आज बहाया जाए. एक कतरा ज़िंदगी का क्यूं ना थोड़ा पीया जाए. ज़िंदगी की कश्मकश में मिल के आज जीया जाए…..
जो बीत गया पल उसे याद क्या रखना….. बस यही सोच कर मुस्कराते हैं हम, अपने ग़मो से दूसरों को उदास क्यों रखना.
” मंज़िल मिलती नहीं .. राह में रुक जाने से .. “ ” भरोसा रखना हमेशा .. अपने आप पर .. “ ” सब कुछ मिलता है .. सही वक़्त आने पर .. ”