मस्त विचार 933
मैं खुद को ऎसी बातों से, जरा अंजान रखता हूँ.
मैं खुद को ऎसी बातों से, जरा अंजान रखता हूँ.
जलते हुए में घी डाल सकते हो, तो डालो. और यह भी नहीं कर सकते तो, मत करो. लेकिन जलते हुए दीये को बुझाओ मत.
आज बे वजह क्यूँ भूल गये कल तक बेवजह चाहने वाले.
किसी को पाने की यूँ इन्तहा कर दी मैंने……
मुझे मिलती है ताकत और मुस्कुराने की. वो समझतें हैं बिखर जाऊँगा. मुझे यकीन है और निखर जाँऊगा. मैंने गिर- गिर के अपने आप को उठाया है. मुझे यकीन है रब का मुझ पर साया है.
एक बार खुद को बदल कर देखो. दूसरों को कई बार सुधारना चाहा, एक बार खुद को सुधार कर देखो. दूसरों को बारबार सीख देनी चाही, एक बार खुद को सीख दे कर देखो. दूसरों को हमेशा उपदेश देने चाहे, एक बार खुद उन का पालन कर के देखो. दूसरों को बारबार कष्ट देना चाहा, एक बार खुद को कष्ट दे कर देखो. दूसरों को बहुत बार भरोसा दिलाना चाहा, एक बार खुद पर भरोसा कर के देखो.