मस्त विचार 886
अब आदी हो चुके हैं तेरी यादों का नशा करते-करते ……!!
अब तुझे रोज़ ना सोचें तो तड़प उठते हैं हम…….!
अब आदी हो चुके हैं तेरी यादों का नशा करते-करते ……!!
अब तुझे रोज़ ना सोचें तो तड़प उठते हैं हम…….!
कोई भी मुझे मेरी आज्ञा के बिना दुखी नहीं कर सकता.
ना जाने क्यूँ फिर भी लोग जीना तुझी को कहतें हैं.
ज़िन्दगी तेरे साये में लोग रोज घुट- घुट कर मरते हैं,
ज़िन्दगी और मौत के बीच होने वाली हलचल का नाम ही ज़िन्दगी है.
जवाब आसान और सवाल मुश्किल करता है…
कोई भी फैसला, जब ये दिल करता है…
सिक्के हमेशा आवाज करते हैं, मगर नोट खामोश रहते हैं.
_ इसलिए जब आपकी कीमत बढे तो शांत रहिए.
_अपनी हैसियत का शोर मचाने का जिम्मा आप से कम कीमत वालों के लिए है.