मस्त विचार 990

लगता था ज़िन्दगी को बदलने में वक़्त लगेगा,

पर क्या पता था बदलता हुआ वक़्त ज़िन्दगी बदल देगा.

मस्त विचार 988

ज़िन्दगी से मत झगड़.

हो सके तो तू भी, वक़्त के साथ बदल.

गुजर गया जो उस पर आंसू ना बहा.

बदल सको तो अपने आने वाला कल बदल.

अहसास, उम्मीदें और सपने, सब हैं तेरे.

निकल सको तो अपने ख़्वाबों की नई डगर पर निकल.

आएँगी मुश्किलें राहों में, मै कह देता हूँ.

पर मान कर मेरी बात, तू अपना रास्ता बदल.

ज़िन्दगी से मत झगड़.

हो सके तो तू भी, वक़्त के साथ बदल.

मस्त विचार – जीवन में दर्द न हो, तो जीने का मजा नहीं – 986

जीवन में दर्द न हो, तो जीने का मजा नहीं.

जीवन में दुःख न हो, तो सुख पाने का मजा नहीं.

जीवन में मन्जिल न हो, तो लछ्य पाने का मजा नहीं.

जीवन में उलझन न हो, तो सुलझाने का मजा नहीं.

जीवन में बाधा न हो, तो पार पाने का मजा नहीं.

जीवन में इम्तहान न हो, तो कामयाबी का मजा नहीं.

जीवन में धोखा न हो, तो सबक पाने का मजा नहीं.

जीवन में बिछुड़न न हो, तो मिलन का मजा नहीं.

जीवन में कशिश न हो, तो जीने का मजा नहीं.

जीवन में गीत न हो, तो गाने का मजा नहीं.

Life जितनी Hard होगी, आप उतने Strong बनोगे..

_ और आप जितने Strong होंगे, Life उतनी Easy होगी..

दर्द न बताने, न दिखाने की, सहने की बात है..

_ दर्द देने वाले दे देते हैं, कहने वाले कह देते हैं, क्योंकि दर्द देना सबको आता है..

_ दर्द सहते सहते आदत सी पड़ गयी है, अब अब दर्द बेअसर हो चला है..

_ लेकिन दर्द में मज़ा लेना अभी बाकी है सीखना..!!

जरुरी नहीं कोई रो कर ही दिखाए, दर्द तो हंसी में भी छुपा होता है.
“जीवन चल तो रहा है, पर भीतर कहीं जीवन ही ठहरा हुआ-सा लगता है.”
जो इंसान अपने दर्द को पीना जानता है, सच में वही जीना जानता है.
दर्द अकेले ही सहते हैं सभी, लोग तो सिर्फ फ़र्ज़ अदा करते हैं..!!
दर्द से निकलने का रास्ता भी दर्द से हो कर ही गुज़रता है..!!
एक जगह नहीं कई जगह दर्द है,

_ दर्द भी हैरान है आखिर और कहाँ कहाँ से उठे..!!

आजकल लोगों के पात्र इतने उथले होते हैं कि पीड़ा हो या प्रसन्नता सब भरभराकर बह जाते हैं और पीछे बचता है छूछा, रीता मन का घट..!
जब दर्द चरम सीमा पार कर जाता है तो ..कोई न कोई सहारा लिया जाता है,,

_ जब कुछ सुझे नहीं तो सब रब पर छोड देना चाहिए और खुद को व्यस्त रखना चाहिए,
_ इसके अलावा हमारे पास कुछ नहीं है,
_ यही जीवन है जो हो रहा है होने दो, बस गलत मार्ग पर चलना नहीं है.
कहीं ऐसा ना हो कि सही-गलत सोचने के चक्कर में ; जीने का मौका ही हाथ से निकल जाए..!!

मस्त विचार 985

पा कर ख़ुशी बहक जाते हैं हम,

पा कर गम भी मुस्कुराते हैं हम,

जब भी याद आती है आप की,

ज़माने को क्या खुद को भी भूल जाते हैं हम.

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