मस्त विचार 968
फिर मत कहना की चले भी गये, और बताया भी नहीं.
फिर मत कहना की चले भी गये, और बताया भी नहीं.
मंज़िल आप पाओ, रास्ता हम दिखाएँगे,
खुश आप रहो, ख़ुशी हम दिलाएँगे,
बस आप साथ देते रहो,
साथ हम निभाएँगे.
फिर भी इन होठों पे मुस्कान है, जीना जब हर हाल में है तो, फिर मुस्कुराकर जीने में क्या नुकसान है !!
डूब कर मुझ को उबरना आ गया.
ये हमें ना हँसा सकी हम इसे हँसा लेंगे.
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.. मै गुजरे पल को सोचूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.. अब जाने कौन कहाँ आबाद हैं, मुलाक़ात नहीं है एक मुद्दत से, मै देर रात तक जागूँ तो , कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.. कुछ की बातें थीं फूलों जैसी, कुछ के लहजे थे खुशबू जैसे, मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.. वो पल भर के झगडे&नाराजगी, फिर मान भी जाना पल भर में, आज मैं खुद से भी रूठूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते है…….ll