मस्त विचार 1048

मै जब दर्पण में अपना चेहरा देखता हूँ, तो एक अजनबी चेहरे की झलक दिखाई देती है,

_ तब मुझे लगता है कि मै स्वयम को कितना कम जानता हूँ.

मस्त विचार 1046

जो है अनहोनी उसे होनी बना कर देखें.

_ दुश्मनी छोड़ दें और हाथ मिला कर देखें.
_ दूर हो जाए इस तरह से शायद अंधकार.
_ अपनी पलकों पर सितारों को सजा कर देखें,
_ सिलसिला जंग का अब तक न हुआ खत्म.
_ फूल हथियारों के बदले में दे कर तो देखें.
_ रास्ते में नजरें बिछी पाएंगे अपनी खातिर,
_ आप मेरे यहां एक बार आ कर तो देखें.
_ यह सही है कि हवाएं हैं अनुकूल मगर,
_ रास्ते में कोई दीपक तो जला कर देखें.!!
यह जान लीजिए कि कुछ भी, कभी भी हो सकता है.
_ इसलिए किसी भी अनहोनी के लिए हर समय मानसिक रूप से तैयार रहिए.!!

मस्त विचार 1044

जिंदगी कभी किसी की भी आसान नहीं होती,

इसे आसान बनाना पड़ता है.

कुछ नज़रअंदाज कर के…कुछ बर्दाश्त करके…

कुछ मेहनत करके…और कुछ सही समय पे सही फैसले ले के.

मस्त विचार 1043

सबको उसी तराजू में तोलिए जिसमें खुद को तोलते हो…

फिर पता चलेगा,

लोग उतने भी बुरे नहीं हैं जितना हम समझते हैं…

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