मस्त विचार 856
ये फासले तो गलतफहमिया बढाते हैं ..!!!
करीब आओगे तो शायद हमे समझ लोगे…
ये फासले तो गलतफहमिया बढाते हैं ..!!!
करीब आओगे तो शायद हमे समझ लोगे…
और गैरो मे छुपे हुए अपने कभी नजर नहीं आते…
हम कीमत से नहीं……किस्मत से मिला करते हैं.
बिकने वाले और भी हैं……जाओ जा कर खरीद लो.
बस इंसानियत कहीं-कहीं जन्म लेती है….!!
इन्सान तो हर घर में पैदा होते हैं….!!
तुम से ये कैसा रिश्ता है………ना मिलते हो ना बिछड़ते हो…
रिवाज़ तो यही है दुनिया का मिल जाना बिछड़ जाना…