मस्त विचार 1011

जितनी जल्दी अपनी ज़िन्दगी से हम समझौता कर लेते है,

उतनी जल्दी सही ज़िन्दगी जीना भी सीख जाते हैं.

मस्त विचार 1010

नदी में पानी मीठा रहता है, क्योंकि वो देती रहती है.

सागर का पानी खारा रहता है, क्योंकि वो लेता रहता है.

नाले का पानी दुर्गन्ध पैदा करता है, क्योंकि वो रुका रहता है.

अपना जीवन भी वैसा ही है,

देते रहेंगे तो मीठे लगेंगे, लेते रहेंगे तो खारे लगेंगे.


 

मस्त विचार 1008

मंजिल तो हासिल कर ही लेंगे कहीं किसी रोज,

ठोकरें ज़हर तो नहीं जो खा के मर जाएँ….

अपने मन में आपके प्रति ज़हर रखने वालों से,

_दूर हो जाना किसी जीत से कम नहीं होता..

मस्त विचार 1007

अहमियत तेरी बता नहीं सकता.

रिश्ता क्या है समझा नहीं सकता.

तुम मेरे लिए इतने ख़ास हो कि,

तुम जो नहीं साथ तो मैं मुस्करा नहीं सकता.

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