मस्त विचार 1007

अहमियत तेरी बता नहीं सकता.

रिश्ता क्या है समझा नहीं सकता.

तुम मेरे लिए इतने ख़ास हो कि,

तुम जो नहीं साथ तो मैं मुस्करा नहीं सकता.

मस्त विचार 1005

कर लेता हूँ बर्दाश्त हर दर्द, इसी आस के साथ ; _

_ कि खुदा नूर भी बरसाता है, आजमाइशों के बाद ..

मस्त विचार 1002

सौ गुना बढ़ जाती है खूबसूरती महज मुस्कुराने से ….

….. फिर भी बाज नहीं आते लोग बुरा सा मुंह बनाने में…….!!

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