मस्त विचार 913

निःसन्देह हमें आसमान को छू लेने की तमन्ना करनी चाहिए, _

_ लेकिन औरों को गिराने का इरादा कभी नहीं.

मस्त विचार 912

कैसे मान लूँ कि तू पल पल में साथ नहीं……

कैसे मान लूँ कि तुझे मेरी परवाह नहीं……..

कैसे मान लूँ कि तू दूर है पास नहीं……….

देर मैंने ही लगाई पहचानने में…..मेरे यार

वरना तू ने जो दिया उस का तो

कोई हिसाब नहीं.

जैसे जैसे मैं सर को झुकाता चला गया

वैसे वैसे तू मुझे उठाता चला गया.

मस्त विचार 911

ये खुशियाँ ये हवा आपके नाम कर दी.

मौसम की हर अदा आपके नाम कर दी.

दिल ने चाहा कुछ ख़ास तोहफा दें आपको.

तो दिल से निकली हर दुआ आपके नाम कर दी.

मस्त विचार 910

हो के मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये,

ज़िन्दगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये,

ठहरोगे एक पाँव पर तो थक जाओगे,

धीरे धीरे ही सही मगर राह पर चलते रहिये.

मस्त विचार 909

लम्बा- लम्बा वक़्त गुजर जाएगा, जीवन यूँ ही ख़तम हो जाएगा.

जी लीजीए ज़िन्दगी को भरपूर, ये अवसर शायद फिर न आएगा.

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