मस्त विचार 931
आज बे वजह क्यूँ भूल गये कल तक बेवजह चाहने वाले.
आज बे वजह क्यूँ भूल गये कल तक बेवजह चाहने वाले.
किसी को पाने की यूँ इन्तहा कर दी मैंने……
मुझे मिलती है ताकत और मुस्कुराने की. वो समझतें हैं बिखर जाऊँगा. मुझे यकीन है और निखर जाँऊगा. मैंने गिर- गिर के अपने आप को उठाया है. मुझे यकीन है रब का मुझ पर साया है.
एक बार खुद को बदल कर देखो. दूसरों को कई बार सुधारना चाहा, एक बार खुद को सुधार कर देखो. दूसरों को बारबार सीख देनी चाही, एक बार खुद को सीख दे कर देखो. दूसरों को हमेशा उपदेश देने चाहे, एक बार खुद उन का पालन कर के देखो. दूसरों को बारबार कष्ट देना चाहा, एक बार खुद को कष्ट दे कर देखो. दूसरों को बहुत बार भरोसा दिलाना चाहा, एक बार खुद पर भरोसा कर के देखो.
वर्ना इतना रौशन मेरा घर कब था.
या तो दिल के, या तो आँखों के…….